सुखकर्ता दुःखहर्ता वार्ता विघ्नाची। नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची॥ यह गणेश जी की सबसे प्रसिद्ध आरती है जो मराठी भाषा में रचित है।
इस आरती का अर्थ है कि गणेश जी सुख देने वाले, दुख हरने वाले और सभी विघ्नों को दूर करने वाले हैं। प्रतिदिन प्रातः या संध्या समय इस आरती को गाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। दीपक या कपूर जलाकर घंटी बजाते हुए यह आरती गाना अत्यंत शुभ होता है। गणेश चतुर्थी और मंगलवार के दिन इस आरती का विशेष महत्व है।