संकष्टी चतुर्थी प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाई जाती है। इस दिन व्रत रखने से समस्त संकट दूर होते हैं और भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
व्रत की विधि सरल है। प्रातःकाल स्नान करके संकल्प लें और पूरे दिन उपवास रखें। संध्या समय चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलें। इस दिन विशेष रूप से मोदक का भोग लगाएं और गणेश चालीसा या आरती का पाठ करें। लाल रंग के वस्त्र धारण करना शुभ होता है। नियमित रूप से यह व्रत करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं।