गणेश चतुर्थी भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाई जाती है। यह भगवान गणेश का जन्मोत्सव है जो दस दिनों तक चलता है। इस दिन घरों और सार्वजनिक स्थानों पर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की जाती है।
पहले दिन प्राण प्रतिष्ठा के साथ मूर्ति स्थापना होती है। प्रतिदिन प्रातः और संध्या में पूजा-आरती की जाती है। विशेष रूप से मोदक, लड्डू और दूर्वा अर्पित करें। दसवें दिन अनंत चतुर्दशी को भव्य आरती के बाद गणपति बाप्पा का विसर्जन किया जाता है। यह उत्सव एकता, भक्ति और उत्साह का प्रतीक है।